भागलपुर के उदयकांत मिश्रा ने बढ़ाई लालू की बेचैनी, कोर्ट ने जारी कर दिया ये आदेश

पटना सिविल कोर्ट के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सप्तम ओम प्रकाश ने मानहानि के एक शिकायती मुकदमे में शनिवार को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के खिलाफ संज्ञान लेते हुए सम्मन जारी करने का आदेश दिया। अदालत ने प्रथमदृष्टया मुकदमा सही पाने के बाद भादवि की धारा 500 के तहत संज्ञान लेने के बाद लालू की उपस्थिति के लिए सम्मन जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने अगली तिथि 21 जून तय की है। यह मुकदमा 14 नवबं र, 2017 को भागलपुर के शिक्षाविद् उदयकांत मिश्रा ने दायर किया था। परिवादी ने उस बयान को मानहानि वाला बताया था, जिसमें लालू ने 9 सितंबर, 2017 को पटना जंक्शन और 10 सितंबर, 2017 को भागलपुर में कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भागलपुर जाने के बाद उदयकांत के घर में क्यों ठहरते हैं?

उदयकांत मिश्रा के भाई राजीव कांत की फ़ाइल फ़ोटो.

 

इसी मामले पर एक और अख़बार ने लिखा हैं.

 

बिहार की राजधानी पटना की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद को एक मानहानि मामले के सिलसिले में आज सम्मन जारी किया. चारा घोटाले के तीन मामलों में रांची की एक अदालत में सजा काट रहे लालू चिकित्सकीय आधार पर छह सप्ताह की अंतरिम जमानत पर हैं. उप न्यायाधीश ओम प्रकाश ने यह आदेश जारी किया.

 

न्यायाधीश ने बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक सदस्य उदयकांत मिश्र की ओर से दर्ज करायी गयी एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए यह आदेश दिया. मिश्र ने राजद प्रमुख पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनकी मित्रता को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की है.

 

 

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले महीने करना निर्धारित किया. राजद प्रमुख ने गत वर्ष सितंबर में भागलपुर में आयोजित एक रैली में कथित रूप से मानहानिकारक टिप्पणी की थी. उन्होंने भागलपुर में करोड़ों रुपये के सृजन घोटाले को लेकर भी नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोला था.

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